GST Full Form – GST की पूरी जानकारी हिंदी में

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What is the Full Form Of GST and meaning in Hindi :- hello Friends आज मैं आपको GST के बारे में पूरी जानकारी देने वाला हु, जिसमे हमारे topics होंगे, GST का Full Form क्या होता है, GST क्या है, GST Full Form In Hindi में. चलिये अब जानते है जीएसटी के बारे में.

दोस्तों gst के बारे में तो आपने सुना ही होगा की आखिर कार ये gst क्या होती है, और gst हमें क्यू भरना पड़ता है, और gst के क्या फायदे और क्या नुकसान होते है, उसके बारे में आप जानते होंगे अगर नही जानते तो कोई बात नही दोस्तों आज मैं is आर्टिकल के माध्यम से आपको GST Full Form & GST क्या होता है और GST का Full Form & Meaning In Hindi.

GST Full Form – GST का फुल फॉर्म क्या है

GST Full Form :- Goods and Services Tax ये हुआ gst का फुल फॉर्म, इसे आपको थोड़ा अंदाजा हो गया होगा कि GST क्या है चलिये जानते है GsT के बारे में की GST क्या होती है और gst के फायदे और नुकसान हिदी में.

GST Full Form :- Goods and Services Tax

GST का फुल फॉर्म क्या होता है ये अब आप जान चुके है, अब मैं आपको GST क्या है इसके बारे में बताने वाला हु, GST Goods And Services Tax इसका मतलब होता है कि अगर आप कोई सामान लेते है या फिर कोई भी चिज़्ज़ मार्किट से लेते है तो आपको इसपर GST pay लड़ना पड़ता है.

जीएसटी क्या है – GST क्या होती है ?

सरकार ने Goods And Service Tax को देश का सबसे बड़ा कर सुधार बताया है, Goods And Service Tax एक अप्रत्यक्ष कर (Indirect Tax) है,GST के अन्तर्गत वस्तुओं एवं सेवाओं पर समान Tax लगाया जाता है, लेकिन जहाँ पर अभी GST लागू नहीं है, वहां वस्तुओं एवं सेवाओं पर अलग-अलग Tax लगाये जाते है, Goods And Service Tax एक व्यापक एवं बहुस्तरीय Tax है|

GST से सभी सामानों पर एक जैसा ही Tax लगाया जाएगा पहले किसी भी सामान पर 30 से 35% Tax देना होता था कुछ सामानों पर Direct-indirect रूप से लगाया जाने वाला Tax 50% से ज्यादा होता था लेकिन GST के बाद यह Tax 28 % हो गया है|

GST भारत की अर्थव्यवस्था को “एक देश एक कर” वाली अर्थव्यवस्था बना देगा भारत में 17 अलग-अलग तरह का Tax लगाया जाता था लेकिन अब GST लागू होने के बाद सामानों पर सिर्फ एक ही तरह का Tax लगाया जाता है|

 जीएसटी के फायदे क्या है?

1) वस्तुओं और सेवाओं पर लगने वाले कुल 40 प्रकार के अप्रत्यक्ष कर और सेस से मुक्ति मिल जाएगी। इसके बदले हमें सिर्फ वस्तु एवं सेवा कर(जीएसटी) देना होगा।

2) सर्विस टैक्स, सेल्स टैक्स, मनोरंजन कर, परचेज टैक्स, सेंट्रल एक्साइज ड्यूटी, लग्जरी टैक्स आदि अब नहीं देना होगा।

3) जीएसटी के लागू होने से जरूरी चीजे सस्ती होंगी,जिसके कारण मुद्रा स्फीति में गिरावट आएगी।

4) 81% प्रतिशत वस्तुओं पर जीएसटी की दर 18% या उससे कम होगी। जीएसटी के तहत गुड़, दूध, अंडा, दही, नमक जैसी रोजमर्रा की जरुरी चीजों में कोई भी कर देय नहीं होगा।

5) जीएसटी को ऑनलाइन कनेक्टिविटी (जीएसटी नेटवर्क) से जोड़ा गया है, जिसके कारण कारोबार में पारदर्शिता आएगी और भ्रष्टाचार या कर चोरी करना असंभव हो जायेगा।

6) 20 लाख से कम की वार्षिक बिक्री वाले छोटे व्यापारियों को जीएसटी से छूट दी जाएगी।

GST के नुकसान क्या है?

1) बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं को 15% स्लैब से निकाल कर 18% कर दिया जायेगा जिसके कारण यह सेवाएं महंगी हो जाएंगी|

2) इसमें केंद्र और राज्य दोनों सरकार द्वारा हर कारोबार पर नियंत्रण होगा, जिसके तहत कंप्लायंस कीमत में वृद्धि होगी।

3) भुगतान की क्रिया ऑनलाइन कनेक्टिविटी के द्वारा होगी, इस प्रणाली से अभ्यस्त न होने के कारण छोटे व्यापारियों को दिक्कत का सामना करना पड़ सकता है।

4) कुछ अर्थशास्त्रियों का कहना है कि जीएसटी के लागू होने से रियल स्टेट बाजार पर बुरा असर पड़ेगा। नये मकानों की कीमत में 8% तक की वृद्धि होगी।

5) उड्डयन उद्योग को इससे नुकसान होगा। हवाई सफर पर लगने वाले 6-9% तक के सर्विस टैक्स की जगह अब जीएसटी के तहत 15% या उससे अधिक कर देय होगा।

6) कार, एयरकंडीशनर, रेफ्रीजिरेटर, चाकलेट और हर प्रकार की औद्योगिक इंटरमीडिएटरी पर 28% की दर लगेगी जो विश्व में किसी भी देश द्वारा लगायी गयी सबसे ज्यादा दर है।

Last words :- दोस्तों इस आर्टिकल में मैंने आपको GST Full Form, GST क्या है, Gst के फायदे और नुकसान बताये है यदि आपको इसे रिलेटेड कोई सवाल जवाब है तो आप comment के माध्यम से हमसे पूछ सकते है.

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